मूल जानना बड़ा कठिन हैं नदियों का, वीरो का, धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता हैं रणधीरो का, पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर, “जाति-जाति” का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर